वायरिंग में क्या क्या फॉल्ट आ सकते है

वायरिंग में क्या क्या फॉल्ट आ सकते है
How To Find Fault In Wire  In Hindi : ऐसी शायद ही कोई जगह होगी जहां पर तारों में किसी प्रकार की कोई भी दिक्कत ना आए. बिजली का इस्तेमाल हर जगह किया जा रहा है और इसके लिए वायरिंग को सही प्रकार से रखना बहुत ही अनिवार्य है ताकि है ज्यादा लंबे समय तक बिना किसी दिक्कत के चलती रह सके. इसीलिए वायरिंग की फिटिंग की जाती है. ताकि तारों को किसी प्रकार का कोई भी नुकसान ना हो और कोई भी तार कहीं से टूटे ना. लेकिन बहुत बार ऐसा होता है कि किसी वजह से तारों में दिक्कत आ जाती है या कहीं से तार टूट जाती है तो उस समय हमें उस तार को ठीक करना पड़ता है.
तो तारों में कहां पर क्या क्या दिक्कत आ सकती है इसके बारे में इस पोस्ट में आपको बताया जाएगा. तारों में दिक्कत आने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि आपने तारों को खुला छोड़ रखा है जिस पर वातावरण का प्रभाव पड़ रहा है और आप बहुत ही जल्दी खराब हो रही है. या तारों पर किसी प्रकार की कोई चोट लग जाए जिसके कारण तार टूट जाती है या उसका इंसुलेशन चल जाता है तो इन्हीं सभी दिक्कत को आप ठीक करें.


वायरिंग में क्या क्या दिक्कत आ सकती है

तारों में दिक्कत आने के कई कारण हो सकते हैं. लेकिन बहुत बार हमारे उपकरण के कारण ही तारों में दिक्कत आ जाती है. क्योंकि हमें नहीं पता होता कि हमारा उपकरण कितना लोड ले रहा है और इसीलिए हम कई बार वहां पर छोटी तार लगा देते हैं और वह जल जाती है. जिसके कारण शार्ट सर्किट हो सकता है.तो नीचे आपको इसके बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है.

1.शार्ट सर्किट फॉल्ट

जब Phase की तार और न्यूट्रल वायर आपस में मिल जाए तो इसे शार्ट सर्किट कहते हैं. इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे कि वायर पर किसी प्रकार की चोट लग जाए और उसका इंसुलेशन छिल जाए . इंसुलेशन छिलने से दोनों का आपस में मिल जाएंगी और शॉर्ट सर्किट हो जाएगा. इसके अलावा अगर अपने उपकरण पर उसके लोड के अनुसार तार नहीं लगाई है. तो वह तार बहुत जल्दी गर्म हो जाएगी और इसका इंसुलेशन पिघल जाएगा. और दोनों तार आपस में शार्ट हो जाएगी.
इस प्रकार के फाल्ट को चेक करने से पहले मेन स्विच को बंद कर दें . इसके लिए आपको मल्टीमीटर का इस्तेमाल करना पड़ेगा. मल्टीमीटर में आपको मल्टीमीटर को कंटीन्यूटी पर सेट करना है. और मल्टीमीटर के दोनों टर्मिनल को फेज और न्यूट्रल दोनों वायर पर लगाना है. अगर मल्टीमीटर में कंटीन्यूटी दिखाए तो इसका मतलब दोनों वायर आपस में शार्ट हो चुके हैं.

2.ओपन सर्किट फॉल्ट

यह फॉल्ट ज्यादा बड़ा नहीं है. यदि आपके पूरे घर में सप्लाई आ रही है और अगर स्विच ऑन करने पर कोई उपकरण नहीं चल रहा तो इसका मतलब वहां पर ओपन सर्किट फॉल्ट हो गया है. ओपन सर्किट फॉल्ट होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि तारों का टूट जाना या तार स्विच में से खुल जाना. इस फॉल्ट का पता करने के लिए आप मैगर या मल्टीमीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

3. लीकेज सर्किट फॉल्ट

अगर फेज वायर न्यूट्रल या अर्थ की वायर के संपर्क में आती है तो यह लीकेज सर्किट फॉल्ट होता है इस फॉल्ट को जानने के लिए एक टेस्ट लैंप का इस्तेमाल किया जाता है टेस्ट लैंप के एक सिरे को न्यूट्रल वायर के साथ में और दूसरे सिरे को अर्थ वायर के साथ में जोड़ देते हैं यदि लैंप थोड़ा सा भी जले तो इसका मतलब सर्किट में लीकेज फॉल्ट है.

4. फ्यूज का उड़ना

अगर किसी भी उपकरण का या हमारे घर के मेन स्विच को ऑन करते ही फ्यूज उड़ जाता है तो इसका मतलब सर्किट में शॉर्ट सर्किट फॉल्ट है. शार्ट सर्किट बोर्ड को पहले ढूंढना पड़ेगा जिसके बारे में ऊपर आपको बताया गया है उसके बाद में ही आप अपने उपकरण या सर्किट की सप्लाई को चालू करें.

5. अर्थ होना

यदि किसी मशीन मोटर या किसी भी उपकरण की बॉडी को छूने पर करंट का झटका लगता है तो इसका मतलब उस मशीन या उपकरण की बॉडी के साथ कोई फेज का वायर जुड़ गया है. इसका कारण ज्यादातर वायर की इंसुलेशन फेल होना होता है. अगर वायर की इंसुलेशन कहीं से छिल जाए और वह उपकरण की बॉडी से Touch हो जाए तो यह अर्थ होना कहलाता है. इस फॉल्ट का पता करने के लिए एक टेस्ट लैंप का इस्तेमाल करना होता है टेस्ट लैंप के एक सिरे को अर्थ वायर के साथ में जोड़ दिया जाता है और दूसरे वायर को उपकरण की बॉडी के साथ में लगाया जाता है अगर लैंप थोड़ा सा भी जले तो इसका मतलब वह उपकरण अर्थ हो गया है.
अगर आपके घर में किसी भी उपकरण में या किसी तार में किसी प्रकार की कोई खराबी आ गई है तो सबसे पहले आप अपने घर की सप्लाई को बंद करें. उसके बाद में यह पता करने की कोशिश करें कि खराबी क्या है ऊपर बताए गए फॉल्ट में से अगर आपको कोई एक फॉल्ट पता लगता है तो आप उसे मल्टीमीटर की मदद से पता करने की कोशिश करें. अगर आप बंद सप्लाई में पोर्ट को नहीं ढूंढ सकते तो पहले अपने घर की सप्लाई को चालू करें और उसके बाद में जिस भी भाग में या तार में आपको फॉल्ट लग रहा है उसको मल्टीमीटर से चेक करें या लाइन टेस्टर की मदद से चेक करें. नंगे हाथों कभी भी बिजली का कोई भी कार्य न करें.
अगर कहीं से कोई भी तार टूट गई है या छिल गई है तो उसे इंसुलेशन टेप की मदद से बिल्कुल अच्छे से मजबूती से जुड़ें और उस पर टेप लगा दें. और अपनी बिजली की तारों को हमेशा सेट करके रखें कहीं भी कोई भी तार को खुला ना छोड़ें. और अगर आपने कहीं पर बाहर खुले में तारों को नंगा छोड़ दिया है तो उसे Conduit पाइप की मदद से ढक दें. या Capping & Cashing से उसे अच्छे से ढक दें ताकि उस पर वातावरण का कोई भी प्रभाव ना पड़े और वह ज्यादा लंबे समय तक ठीक प्रकार काम करती रहे.

Fault आने से कैसे बचें

किसी भी तार में या उपकरण में फॉल्ट आने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण होता है किसी भी तार का इंसुलेशन फेल होना. अगर आप अपनी तारों को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित करेंगे तो आपके घर में फॉल्ट आने की संभावना उतनी ही कम होगी. इसके लिए सबसे पहले आप अपने घर के सभी तारों की अच्छे से फिटिंग करें.
अगर आप ज्यादा महंगी फिटिंग नहीं कर सकते तो आप इसके लिए Capping & Cashing वायरिंग कर सकते हैं यह काफी मजबूत और सस्ती होती है. और इस वायरिंग से आपके घर की सभी तारे वातावरण के प्रभाव और किसी दूसरे केमिकल के प्रभाव में आने से बचेगी . तो सबसे पहले आप अपने घर की सभी तारों को सही ढंग से फिट करें.
किसी भी तार को कहीं पर भी खुला ना छोड़ें. अपने उपकरण की अच्छे से अर्थिंग करें ताकि अगर किसी भी उपकरण की बॉडी में करंट आए तो उसे छूने पर किसी को करंट का झटका ना लगे. अगर आप अपने घर में अर्थिंग करना चाहते हैं तो इसके बारे में हमने पहले एक पोस्ट में बताया है आप उसे पढ़ें और अपने घर में अर्थिंग करें